Sanjali

नमस्कार..!

मेरा नाम संजाली है. मैं एक लेखिका  हूँ. किसी दिन भगवद्ग गीता  हाथ लग गई, और उसे पढ़ते पढ़ते कब मैं वेद पुराणों तक पहुँच गई पता ही नहीं चला. जो मुझे इन सब ग्रंथो से मिला है , वह  मेरी बुद्धी अनुसार  आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ. अगर इसमें कोई कमी रह जाती है तो वह मेरी अपनी होगी.

गोविन्द बोलो हरी गोपाल बोलो..!

 

||जय श्री कृष्ण||